"स्कूल चलें हम अभियान-2025" का शुभारंभ आज



मुख्यमंत्री करेंगे शिक्षा के उज्ज्वल भविष्य की नई शुरुआत

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक अप्रैल को राजधानी भोपाल में "स्कूल चलें हम अभियान - 2025" का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य प्रदेश के सभी बच्चों को शिक्षा से जोड़ना और नए शैक्षणिक सत्र की शानदार शुरुआत करना है। कार्यक्रम का आयोजन शासकीय नवीन उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय, अरेरा कॉलोनी (ओल्ड कैंपियन) में प्रातः 9 बजे किया जाएगा। इस दौरान जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप भी उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इस कार्यक्रम का डिजिटल प्लेटफार्म पर लाइव प्रसारण भी किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ सकें।

नव प्रवेशी विद्यार्थियों का भव्य स्वागत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस विशेष अवसर पर नव प्रवेशी विद्यार्थियों का गर्मजोशी से स्वागत करेंगे। इसके साथ ही, राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले प्रतिभावान खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में शिक्षा पोर्टल 3.0 का शुभारंभ भी होगा, जो छात्रों और शिक्षकों के लिए शिक्षा प्रणाली को और अधिक सुलभ बनाएगा।

शिक्षा पोर्टल 3.0 से होगी एडमिशन प्रक्रिया

इस वर्ष से प्रदेश के सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया "स्टूडेंट डायरेक्ट्री मैनेजमेंट सिस्टम" के तहत ऑनलाइन होगी। इससे शिक्षा विभाग की सभी सेवाओं को एक ही मंच पर लाकर छात्रों और शिक्षकों के लिए शिक्षा संबंधी सुविधाओं को सरल बनाया जाएगा।

हर जिले में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम

प्रदेश के प्रत्येक जिले में भी प्रभारी मंत्री के नेतृत्व में एक अप्रैल को प्रवेशोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान सांसद, विधायक और अन्य जन-प्रतिनिधि भी बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए उपस्थित रहेंगे। विद्यार्थियों को नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें वितरित की जाएंगी और शाला त्यागी बच्चों का फिर से स्कूल में नामांकन कराया जाएगा।

विशेष कार्यक्रम – "भविष्य से भेंट"

अभियान के दूसरे दिन, 2 अप्रैल को "भविष्य से भेंट" कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें समाज के प्रबुद्ध और प्रसिद्ध व्यक्तित्व विद्यार्थियों से संवाद करेंगे। इनमें खिलाड़ी, साहित्यकार, कलाकार, मीडिया प्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे, जो बच्चों को प्रेरणादायक कहानियाँ सुनाएंगे और शिक्षा के महत्व को समझाएंगे।

खेल-कूद और सांस्कृतिक गतिविधियाँ

3 अप्रैल को विद्यालयों में पालकों के साथ खेल-कूद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिससे वे विद्यालयों से अधिक जुड़ाव महसूस करें। इस दिन सरकार की शिक्षा संबंधी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी

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