विश्व का सबसे बड़ा महायज्ञ: 14 से 20 अप्रैल तक ग्वालियर में आध्यात्मिक महासंगम
भोपाल। भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार को नया आयाम देने के लिए 1008 कुंडी लक्षचंडी महायज्ञ का ऐतिहासिक आयोजन मेला ग्राउंड, ग्वालियर (मप्र) में 14 से 20 अप्रैल 2025 तक होने जा रहा है। यह महायज्ञ विश्वभर के श्रद्धालुओं और संत समाज के लिए एक अनूठा आध्यात्मिक अनुभव होगा। इस महायज्ञ का आयोजन महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद गिरी महाराज के सान्निध्य में किया जा रहा है। उन्होंने इस दिव्य आयोजन में भारत की सुप्रसिद्ध भजन गायिका मैथिली ठाकुर को आमंत्रित किया है। नई दिल्ली में महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद गिरी महाराज और 1008 कुंडी लक्ष्यचंडी महायज्ञ की आयोजन समिति के प्रमुख जनों ने मैथिली ठाकुर से मुलाकात कर उन्हें आमंत्रित किया।
मैथिली ठाकुर की सुरक्षा को लेकर उठी मांग
महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद गिरी महाराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से विशेष अनुरोध किया है कि मैथिली ठाकुर की सुरक्षा को मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा, जिस तरह झांसी की रानी ने धर्म और राष्ट्र के लिए संघर्ष किया था, उसी तरह मैथिली ठाकुर अपने भजनों के माध्यम से भारतीय संस्कृति को संजोने और प्रचारित करने का कार्य कर रही हैं। वे एक अमूल्य धरोहर हैं और उनकी सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है।
महायज्ञ की भव्यता: विश्व स्तरीय आयोजन
यह महायज्ञ केवल भारत ही नहीं, बल्कि विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक बनने जा रहा है। इसकी भव्यता का अंदाजा इन तथ्यों से लगाया जा सकता है कि इस महायज्ञ में 1008 यज्ञ कुंडों की स्थापना की जाएगी। 11,000 विद्वान ब्राह्मणों द्वारा 1 लाख बार दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाएगा। 150 टन देसी गाय के घी से महायज्ञ की आहुति दी जाएंगी। इस महायज्ञ में रोजाना 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे की व्यवस्था की गई है। देश-विदेश के प्रमुख संतों, महंतों और विद्वानों की उपस्थिति इस महायज्ञ की साक्षी बनेगी।
मैथिली ठाकुर 14 अप्रैल को देंगी भजन संध्या
इस पावन अवसर पर मैथिली ठाकुर 14 अप्रैल को अपने परिवार सहित उपस्थित रहेंगी और भक्तों के बीच अपने भजनों की प्रस्तुति देंगी। उन्होंने अपने संदेश में कहा, यह सिर्फ एक महायज्ञ नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण का उत्सव है। मैं 14 अप्रैल को अपने परिवार के साथ इस आयोजन में शामिल हो रही हूं। मैं सभी भक्तों से अनुरोध करती हूं कि वे इस दिव्य अनुष्ठान का हिस्सा बनें और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करें।
श्रद्धालुओं के लिए रहेगी विशेष सुविधाएं
इस महायज्ञ में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएँ की जा रही हैं जिसमें विशाल भव्य पंडाल, मॉडर्न यज्ञशाला, आवास और भोजन की निःशुल्क व्यवस्था, विशाल संत समागम और प्रवचन सत्र आयोजित किया जाएगा। यह महायज्ञ राष्ट्र, धर्म और संस्कृति के उत्थान के लिए किया जा रहा है। इसमें विश्व कल्याण, शांति और मानवता की भलाई के लिए विशेष अनुष्ठान किए जाएंगे। इस आयोजन के माध्यम से सनातन संस्कृति और भक्ति आंदोलन को नई दिशा मिलेगी।
पंचायती श्री निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद गिरी महाराज ने सभी भक्तों से निवेदन किया है कि धर्म, संस्कृति और आस्था के इस महायज्ञ में भाग लें और अपने जीवन को आध्यात्मिक ऊर्जा से भरें। यह सिर्फ एक यज्ञ नहीं, बल्कि संस्कृति और भक्ति का महासंगम होगा।
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